आज · 16 September 2026
आज दिल्ली का औसत AQI 100 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।
आज के कार्ड
आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।
1980 से जुलाई 2026 तक, सैंतालीस वर्षों का प्रमाण
इस पूरे रिकॉर्ड में एक बर्ष भी ऐसा नहीं रहा जब दिल्ली ने भारत के अपने वार्षिक मानक को पूरा किया हो। सरकार के अपने मॉनिटरों पर 2024 में यह शहर 104 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर सांस ले रहा था, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की सीमा से लगभग 21 गुना है, और 2026 में समाप्त हुए जाड़े का औसत 200 था।

उत्तर भारत में पीएम2.5 का वार्षिक औसत, प्रत्येक खंड एक ही अवधि का स्तर दिखाता है।
आज
लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।
पढ़ेंसंग्रह
हर उस दिन की एक रिपोर्ट, जिस दिन निगरानी नेटवर्क ने ईमानदारी से प्रकाशन लायक़ पर्याप्त स्टेशन दर्ज किए।
पूरा संग्रह देखेंफ़िल्में
हर दिन एक छोटी फ़िल्म, हिंदी में, उसी विश्लेषण से बनी जिससे उस दिन की लिखित रिपोर्ट बनी है।
फ़िल्में देखेंगहन संस्करण
हर हफ़्ते एक लंबा हिसाब: सातों दिन एक साथ, क्या बदला, और वह बदलाव किस वजह से आया।
साप्ताहिक पढ़ेंपड़ताल
रोज़ के रिकॉर्ड से आगे जाकर की गई स्वतंत्र पड़ताल।
पड़ताल देखेंतरीक़ा
हम शहर के अपने प्रदूषण को मौसम से अलग कैसे करते हैं, और यही एकमात्र ईमानदार तुलना क्यों है।
तरीक़ा जानेंप्रकाशक
प्रकाशक अजय माकन, संसद सदस्य। आधार सीपीसीबी के सरकारी आँकड़े। विश्लेषण, और उसमें कोई भी ग़लती, हमारी है।
परिचय और संपर्कआभार
विशेष आभार: Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA)। इस विश्लेषण का आधार वही घंटेवार संकलन है जो CREA तैयार करता है, और हवा को लेकर जन जागरूकता बढ़ाने में उसका अपना योगदान बड़ा है। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है, और इसके विश्लेषण या निष्कर्षों की ज़िम्मेदारी उस पर नहीं है।