प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 12 September 2026

सोनिया विहार की हवा चीख रही है, सरकार की नीति चुप है।

आज दिल्ली का औसत AQI 90 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

91.1 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 12 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में
43.5%
शहर की आबादी का हिस्सा
आज यही हवा ले रहे हैं
159
North Campus
Moderate

आज के कार्ड

गिनतीसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 11 सितंबर सुबह 10 बजे से 12 सितंबर सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 5 सितंबर से 19 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.1 MB
हिंदी में। अवधि 65 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

और यह सिर्फ़ औसत का सवाल नहीं है। इस साल औसत दिन पर दिल्ली के अपने 12 मॉनिटर, यानी क़रीब हर तीसरा मॉनिटर, AQI दो सौ के ऊपर पढ़ते रहे। पिछले साल यह 28 प्रतिशत था। शहर का औसत कोई नहीं पीता, हर कोई अपने इलाक़े की हवा पीता है।
15 स्टेशन पर AQI पिछले साल से बढ़ा है, North Campus में तो 58 अंक ऊपर। प्रदूषण का बोझ असमान है।
Against the WHO standard
आज दर्ज हुए 40 में से 39 स्टेशन PM two point five के WHO सीमा से ऊपर; 40 में से 40 स्टेशन PM ten के WHO सीमा से ऊपर। आज दिल्ली ने जो PM two point five साँस में लिया, वह WHO की सुरक्षित सीमा से 2.1 गुना ऊपर था; मौसम का असर हटाने पर भी यह 2 गुना ऊपर रहता है।
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