प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 10 September 2026

हद लक्ष्य नहीं, छत थी, और नीति ने वह छत टूटने दी।

आज दिल्ली का औसत AQI 138 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

302
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Bawana, बहुत ख़राब, PM2.5
16.8 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 2 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में

आज के कार्ड

गिनतीसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 9 सितंबर सुबह 10 बजे से 10 सितंबर सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 3 सितंबर से 17 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.1 MB
हिंदी में। अवधि 54 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

आज दिल्ली के 2 स्टेशनों पर हवा 'ख़राब' या उससे भी बदतर रही। इन स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में 17 लाख लोग रहते हैं, यानी दिल्ली की 8 प्रतिशत आबादी। चार किलोमीटर वही सीमा है जहाँ तक एक स्टेशन की रीडिंग उसके आसपास की हवा मानी जाती है।
सबसे चिंताजनक बात: दिल्ली का AQI पिछले साल इन्हीं दिनों के मुक़ाबले 48 अंक बढ़ गया है। हवा सुधरने के बजाय बिगड़ी है।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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