प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 26 August 2026

तय समय पूरा हो गया, वादा अधूरा रह गया, और प्रदूषण की चढ़ाई जारी है।

आज दिल्ली का औसत AQI 96 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

42 / 42
स्टेशन WHO सीमा के पार
PM10, आज रिपोर्ट करने वाले स्टेशनों में से
2.1×
WHO सीमा से गुना
शहर का औसत, मौसम का असर हटाकर
10 / 42
स्टेशन राष्ट्रीय सीमा के पार
PM10, आज रिपोर्ट करने वाले स्टेशनों में से
202
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
IGI Airport (T3), ख़राब
विश्लेषण की अवधि: 25 अगस्त सुबह 10 बजे से 26 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 19 अगस्त से 2 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.0 MB

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

88 दिन बाद पहली बार दिल्ली का मौसम-मुक्त PM ten पिछले साल के स्तर से नीचे दर्ज हुआ है। एक दिन से हवा साफ़ नहीं होती: इस साल के 238 में से 164 दिन अब भी पिछले साल से ऊपर हैं, और इन 88 दिनों का औसत फ़र्क़ 13 micrograms per cubic metre रहा। बिगड़ाव का हिसाब अभी बाक़ी है।
इस साल अब तक की पूरी तस्वीर देखिए, सिर्फ़ औसत नहीं। साल का सबसे साफ़ चौथाई हिस्सा 94 से 112 पर पहुँच गया है, यानी जो दिन पहले सबसे साफ़ थे, वे भी मैले हुए हैं। पिछले साल की इन्हीं तारीखों के मुक़ाबले साल का बीच का दिन 148 से 158 पर पहुँचा है, और सबसे ख़राब दसवाँ हिस्सा 300 से 302 पर। यानी जिन दिनों में साँस लेना सबसे मुश्किल होता है, वे वहीं के वहीं हैं। गिनती के दिन बढ़े हैं, हवा उतनी ही ख़राब है।
Worst station
सबसे ख़राब हालत Wazirpur में है। आज वहाँ की हवा में PM ten 138 micrograms रहा, WHO सीमा से 3.1 गुना ऊपर; मौसम का असर हटाने पर भी 141.1 micrograms, यानी 3.1 गुना ऊपर।
µg/m³ में सबसे ख़राब: Anand Vihar में PM two point five 71 micrograms, WHO से 5 गुना ऊपर; और Anand Vihar में PM ten 179 micrograms, WHO से 4 गुना ऊपर।
आज का सबसे ख़राब स्टेशन Anand Vihar रहा, जहाँ AQI 153 दर्ज हुआ। इस स्टेशन के चार किलोमीटर के दायरे में 14 लाख लोग रहते हैं। यह किसी औसत का आँकड़ा नहीं, इतने लोगों की साँस का हिसाब है।
और यह सिर्फ़ औसत का सवाल नहीं है। इस साल औसत दिन पर दिल्ली के अपने 13 मॉनिटर, यानी क़रीब हर तीसरा मॉनिटर, AQI दो सौ के ऊपर पढ़ते रहे। पिछले साल यह 30 प्रतिशत था। शहर का औसत कोई नहीं पीता, हर कोई अपने इलाक़े की हवा पीता है।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index के अनुसार, दिल्ली का प्रदूषण औसत आयु को सालों घटाता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें: एक, PM ten के स्रोत (निर्माण-धूल और सड़क-धूल) पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, ‘ख़राब’ से ऊपर के दिनों में जन-स्वास्थ्य protocol लागू हो।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

रोज़ाना संग्रह पर वापस