Worst station
AQI 242 और श्रेणी ‘ख़राब’: Bawana सबसे बुरे हाल में, और इसे PM two point five ले गया। मौसम का हिस्सा हटाने के बाद भी यहाँ की हवा पिछले साल से 3 अंक बदतर है।
Bawana पर आज AQI 242 दर्ज हुआ, पूरे शहर में सबसे ख़राब। इस स्टेशन के चार किलोमीटर के दायरे में 3 लाख लोग बसते हैं, और यह औसत का आँकड़ा नहीं, इतनी साँसों का हिसाब है।
एक स्टेशन की रीडिंग चार किलोमीटर तक ही भरोसेमंद मानी जाती है, पर दिल्ली के 44 निगरानी क्षेत्रों में से 29 इस दूरी से आगे तक फैले हुए हैं। 26 लाख दिल्लीवासी किसी भी स्टेशन से चार किलोमीटर दूर रहते हैं।
दिल्ली का AQI कल से 8 अंक और ऊपर गया, और 32 में से अधिकतर स्टेशन कल के मुक़ाबले बिगड़े हैं।
दिल्ली का AQI 22 अंक ऊपर है, पिछले साल के इन्हीं दिनों के मुक़ाबले। बिगड़ाव यहीं दर्ज है, यही सबसे चिंताजनक बात है।
मौसम का असर पूरी तरह हटा दीजिए, फिर भी दिल्ली का अपना PM ten लगातार 81 दिन से पिछले साल के इन्हीं दिनों से ऊपर टिका है। मई से अब तक जितने दिनों के आँकड़े हैं, उनमें एक भी दिन पिछले साल के स्तर से नीचे नहीं आया। 1 दिन का आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। इन दिनों में यह फ़र्क़ औसतन 14 माइक्रोग्राम रहा है। इस साल के 230 में से 157 दिन पिछले साल से ऊपर रहे हैं। फ़र्क़ अब भी क़ायम है, पर पिछले हफ़्ते में यह सिकुड़ा है। बिगड़ाव बना हुआ है, रफ़्तार धीमी पड़ी है। यही आज की असली कहानी है।
दिल्ली के 2 स्टेशनों पर आज हवा 'ख़राब' या उससे भी बदतर दर्ज हुई। इनके चार किलोमीटर के घेरे में 16 लाख लोग बसते हैं, जो दिल्ली की 8 प्रतिशत आबादी है। चार किलोमीटर तक ही एक स्टेशन की रीडिंग आसपास की हवा मानी जाती है।
Against the WHO standard
WHO सीमा के पार आज 43 में से 41 स्टेशन PM two point five पर, और PM ten पर 44 में से 44। दिल्ली का अपना PM two point five, मौसम का असर हटाने के बाद भी, WHO की सुरक्षित सीमा से 2.1 गुना ऊपर बैठता है।
What it does to health
बच्चों, बुज़ुर्गों और साँस व दिल के मरीज़ों को इस हवा में तकलीफ़ हो सकती है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें: पहली, PM ten के स्रोतों (निर्माण-धूल और सड़क-धूल) पर तुरंत सख़्ती। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीसरी, AQI लक्ष्य WHO मानकों की ओर कठोर किए जाएँ।