प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 16 August 2026

जवाब मौसम नहीं देगा, सरकार देगी: पूरे महीने हवा तय हद के पार रही।

औसत AQI 89 पर खड़ी है दिल्ली; मौसम का हिस्सा घटाइए, फिर भी पिछले साल से ज़्यादा।

260
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Anand Vihar, ख़राब, PM10
+13
एक्यूआई अंक पिछले साल से बदतर
Anand Vihar, मौसम का असर हटाकर
13.6 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 1 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में
विश्लेषण की अवधि: 15 अगस्त सुबह 10 बजे से 16 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 9 अगस्त से 23 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.0 MB
हिंदी में। अवधि 139 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Anand Vihar में आज AQI 260, पूरे शहर में सबसे ख़राब। इस स्टेशन से चार किलोमीटर के भीतर 14 लाख लोग बसते हैं। यह औसत का आँकड़ा नहीं, इतनी साँसों का हिसाब है।
एक स्टेशन की रीडिंग चार किलोमीटर तक ही भरोसेमंद होती है, पर दिल्ली के 44 निगरानी क्षेत्रों में से 29 इससे बड़े हैं। 26 लाख लोग किसी भी स्टेशन से चार किलोमीटर के बाहर हैं।
आज 1 स्टेशन पर हवा 'ख़राब' या उससे भी बदतर रही, और उसके चार किलोमीटर के दायरे में 14 लाख लोग, यानी दिल्ली की 6 प्रतिशत आबादी बसती है। चार किलोमीटर तक ही उस स्टेशन की रीडिंग आसपास की हवा मानी जाती है।
प्रदूषण सब पर बराबर नहीं: 10 स्टेशन पर AQI पिछले साल से ऊपर, Anand Vihar तो 133 अंक चढ़ा।
मौसम हटाकर देखें तो दिल्ली का AQI पिछले साल से 4 अंक ऊपर है, ज़मीनी हवा बिगड़ी है। सबसे बड़ा हाथ carbon monoxide, sulphur dioxide और PM two point five का है। सात में से 5 प्रदूषकों की हालत जस की तस या बदतर। यह नीति की चूक है, मौसम की कृपा नहीं।
आज की सबसे बड़ी बात यह है कि मौसम का पूरा असर हटा देने के बाद भी, दिल्ली का अपना PM ten लगातार 78 दिन से पिछले साल के इन्हीं दिनों से ऊपर है। मई से आज तक जितने दिनों के आँकड़े हैं, उनमें एक भी दिन पिछले साल के स्तर से नीचे नहीं गया। 1 दिन का आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। इन दिनों में यह फ़र्क़ औसतन 14 माइक्रोग्राम रहा है। इस साल अब तक के 227 में से 154 दिन पिछले साल से ऊपर रहे हैं। फ़र्क़ अब भी क़ायम है, बस पिछले हफ़्ते इसकी रफ़्तार धीमी पड़ी है। बिगड़ाव जारी है, और यही आज की असली कहानी है।
जिन 27 स्टेशनों के पास पिछले साल का आँकड़ा है, मौसम हटाने पर वे सभी पिछले साल से बदतर निकले, बीच का स्टेशन 4 AQI अंक ऊपर। कोई कोना नहीं बचा।
What it does to health
University of Chicago का Air Quality Life Index कहता है, दिल्ली का प्रदूषण औसत उम्र सालों घटाता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। एक, PM ten के स्रोतों (निर्माण-धूल और सड़क-धूल) और PM two point five के स्रोतों (उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन), दोनों पर तुरंत सख़्ती। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, हर स्टेशन का real-time AQI हर नागरिक के सामने खुला हो।
Against the WHO standard
PM two point five पर आज 38 में से 36 स्टेशन WHO सीमा के पार, और PM ten पर 41 में से 41। मौसम हटाने के बाद भी दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.3 गुना ऊपर बैठता है।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

रोज़ाना संग्रह पर वापस