प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 15 August 2026

Bawana में PM two point five WHO सीमा से 6 गुना ऊपर। साँस लेना ख़तरनाक।

पिछले साल का स्तर आज भी पार है: दिल्ली का औसत AQI 94, मौसम का असर हटाने पर भी।

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सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Bawana, मध्यम
विश्लेषण की अवधि: 14 अगस्त सुबह 10 बजे से 15 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 8 अगस्त से 22 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 3.9 MB
हिंदी में। अवधि 129 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

दिल्ली के 44 निगरानी क्षेत्रों में 29 ऐसे हैं जो चार किलोमीटर से आगे तक फैल जाते हैं, जबकि एक स्टेशन की रीडिंग चार किलोमीटर तक ही भरोसेमंद मानी जाती है। 26 लाख दिल्लीवासी हर स्टेशन से इतनी ही दूरी के बाहर रहते हैं।
Bawana में AQI पिछले साल से 113 अंक ऊपर, और 17 स्टेशन पर यह चढ़ा है। बोझ बराबर नहीं।
carbon monoxide भी पिछले साल के इन्हीं दिनों से 40 percent ऊपर चल रहा है। यह सिर्फ़ अतिरिक्त संकेत है; आज का आकलन भरोसेमंद PM two point five और PM ten पर ही टिका है।
What it does to health
University of Chicago का Air Quality Life Index कहता है: दिल्ली की हवा औसत आयु से कई साल छीनती है।
मौसम का पूरा असर हटा देने के बाद भी दिल्ली का अपना PM ten 77 दिन से पिछले साल के इन्हीं दिनों के ऊपर टिका है। मई से अब तक के हर उपलब्ध दिन ने यही दिखाया, एक भी दिन पिछले साल के स्तर से नीचे नहीं आया। 1 दिन का आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। रोज़ाना यह फ़ासला औसतन 14 माइक्रोग्राम बैठा है। इस साल के 226 दिनों में से 153 दिन पिछले साल से ऊपर दर्ज हुए। बिगड़ाव रुका नहीं है, और यही आज की असली कहानी है।
Against the WHO standard
गिनती देखिए: 44 दर्ज स्टेशनों में 42 पर PM two point five WHO सीमा के पार, और 45 में 44 पर PM ten। मौसम का हिस्सा हटाने पर भी दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.4 गुना ऊपर बैठता है।
सिर्फ़ औसत नहीं, इस साल की पूरी तस्वीर देखिए। पिछले साल की इन्हीं तारीखों के मुक़ाबले साल का बीच का दिन 156 से 168 पर पहुँचा, और सबसे ख़राब दसवाँ हिस्सा 301 से 303 पर। यानी जिस दिन साँस लेना सबसे मुश्किल होता है, वह दिन वहीं का वहीं है। दिन गिनती में बढ़े, हवा उतनी ही ख़राब।
Worst station
आज सबसे बुरी हवा Wazirpur की है। मौसम का हिस्सा हटाने पर वहाँ AQI 134 और PM ten 150.0 micrograms, जो WHO सीमा से 3.3 गुना ऊपर।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें: एक, PM ten के स्रोतों (निर्माण-धूल और सड़क-धूल) और PM two point five के स्रोतों (उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन), दोनों पर तुरंत रोक। दो, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur के इलाक़े में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीन, AQI लक्ष्य WHO मानकों की ओर कठोर किए जाएँ।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैसों का दर्ज स्तर दुनिया भर के शोध में सवालों के घेरे में है, इसलिए आकलन का आधार भरोसेमंद PM2.5 और PM10 हैं। पर CO की यह तुलना पिछले साल इन्हीं दिनों से उसी माप-प्रणाली पर है, इसलिए इसकी बढ़त की दिशा भरोसेमंद है; गैस केवल अतिरिक्त संदर्भ है।

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