प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 13 August 2026

28 लाख दिल्लीवाले, यानी 13 प्रतिशत आबादी, आज ‘ख़राब’ या उससे बदतर हवा के दायरे में।

मौसम अलग कर दीजिए, तब भी दिल्ली का आज का औसत AQI 116 पिछले साल से ऊपर बैठता है।

28.2 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 3 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में
13.4%
शहर की आबादी का हिस्सा
आज यही हवा ले रहे हैं
263
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Anand Vihar, ख़राब
विश्लेषण की अवधि: 12 अगस्त सुबह 10 बजे से 13 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 6 अगस्त से 20 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 3.9 MB
हिंदी में। अवधि 128 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

कल के मुक़ाबले आज दिल्ली का AQI 22 अंक और चढ़ गया। 38 में से अधिकतर स्टेशन कल से बिगड़े हैं।
What it does to health
बच्चों, बुज़ुर्गों और साँस-दिल के मरीज़ों के लिए यह स्तर तकलीफ़ दे सकता है।
45 में से 31 स्टेशन पर आज प्रमुख प्रदूषक PM ten है, शहर की हवा यही सबसे ज़्यादा बिगाड़ रहा है।
सवाल यह है कि यह सिलसिला टूटता क्यों नहीं। मौसम का पूरा असर हटा देने पर भी दिल्ली का अपना PM ten 75 दिन से पिछले साल के इन्हीं दिनों से ऊपर है। मई के बाद से आज तक, उपलब्ध हर दिन का आँकड़ा पिछले साल के स्तर के ऊपर ही रहा। 1 दिन का आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। औसतन 14 माइक्रोग्राम का यह फ़र्क़ हर दिन बना रहा। गिनती देखिए, इस साल अब तक 224 दिनों में से 151 पिछले साल के ऊपर रहे। यह बिगड़ाव थमता नहीं दिख रहा, और यही आज की असली कहानी है।
जिन 31 स्टेशनों का पिछले साल का आँकड़ा है, मौसम हटाने पर भी वे सबके सब पिछले साल से बदतर हैं, बीच का स्टेशन 11 AQI अंक ऊपर। शहर का कोई हिस्सा बचा नहीं।
Worst station
आज की सबसे ख़राब हवा Anand Vihar की, AQI 263 यानी ‘ख़राब’ श्रेणी, और इसके पीछे PM ten है। मौसम हटाकर देखें तब भी यहाँ पिछले साल से 18 अंक बदतर हालत है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। पहली, PM ten के स्रोत (निर्माण-धूल और सड़क-धूल), और PM two point five के स्रोत (उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन), दोनों पर तुरंत सख़्ती। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीसरी, CAQM और DPCC की जवाबदेही तय हो, निष्क्रियता पर कार्रवाई।
Weather is not the excuse
बारिश इस बार 4.3 मिमी से गिरकर 0 मिमी पर, और जब बारिश नहीं तो प्रदूषण धुलता नहीं, वह शहर पर टिका रहा और हवा बदतर दिखी। लेकिन मौसम का असर हटाने पर भी शहर का औसत AQI पिछले साल से 11 अंक ऊपर बैठता है, यानी असली प्रदूषण बढ़ा है; दिखने वाले बिगड़ाव में मौसम का हाथ बड़ा है।
Against the WHO standard
PM ten पर एक भी स्टेशन सीमा के भीतर नहीं, 45 में से 45 WHO सीमा के ऊपर; PM two point five पर भी 45 में से 44 स्टेशन उसी पार। मौसम हटाकर भी दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.4 गुना ऊपर है।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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