प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: ajaymaken@mycleanair.in

रिपोर्ट · 07 August 2026

बारिश ने अपना काम किया, सरकार ने नहीं: यह नाकामी नीति की है, मौसम की नहीं।

जो दिखा वह 68 है, जो है वह 95: दिल्ली के औसत AQI से मौसम का असर हटाइए, हालत और ख़राब निकलती है।

147
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Jawaharlal Nehru Stadium, मध्यम
विश्लेषण की अवधि: 6 अगस्त सुबह 10 बजे से 7 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 31 जुलाई से 14 अगस्त 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 2.0 MB
हिंदी में। अवधि 128 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

carbon monoxide भी पिछले साल के इन्हीं दिनों से 42 percent ऊपर चल रहा है, यह अतिरिक्त संदर्भ भर है; आज के आकलन का आधार तो भरोसेमंद PM two point five और PM ten ही हैं।
43 में से 22 स्टेशन पर आज प्रमुख प्रदूषक carbon monoxide है, शहर की हवा यही सबसे ज़्यादा बिगाड़ रहा है।
69 दिन। इतने दिनों से दिल्ली का अपना PM ten पिछले साल के ठीक इन्हीं दिनों के स्तर से ऊपर टिका है, और यह मौसम का पूरा असर हटा देने के बाद का आँकड़ा है। मई से अब तक उपलब्ध हर दिन यही हाल रहा, एक दिन भी नीचे नहीं। 1 दिन का आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। यह फ़र्क़ औसतन 15 माइक्रोग्राम बैठता है, और इस साल के 218 में से 145 दिन पिछले साल से ऊपर रहे हैं। यही टिकाऊ बिगड़ाव आज की असली कहानी है।
जिन 29 स्टेशनों के पास पिछले साल का आँकड़ा है, मौसम का असर हटाने पर वे सब पिछले साल से बदतर हैं, बीच का स्टेशन 13 AQI अंक ऊपर। कोई इलाक़ा इससे बचा नहीं।
Against the WHO standard
PM two point five पर आज दर्ज 40 में से 36 स्टेशन WHO सीमा के पार, और PM ten पर 43 में से 20 स्टेशन। मौसम का असर हटाने पर भी दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.3 गुना ऊपर बैठता है।
What it does to health
University of Chicago का Air Quality Life Index कहता है, दिल्ली का प्रदूषण औसत आयु सालों घटा देता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। पहली, PM ten के स्रोत (निर्माण-धूल और सड़क-धूल) और PM two point five के स्रोत (उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन), दोनों पर तुरंत सख़्ती। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीसरी, AQI लक्ष्य WHO मानकों की ओर कठोर किए जाएँ।
Weather is not the excuse
बारिश 5.5 मिमी से बढ़कर इस बार 12.7 मिमी हुई, और बारिश प्रदूषण धो देती है, इसलिए प्रदूषण ज़्यादा बिखरा और हवा साफ़ दिखी। पर मौसम का असर हटाते ही पूरे शहर का औसत AQI पिछले साल से 12 अंक ऊपर निकलता है; असली प्रदूषण बढ़ा है, यह दिखावट मौसम की देन है, नीति की नहीं।
Worst station
Wazirpur आज सबसे बुरी हालत में है: मौसम का असर हटाने पर वहाँ AQI 132 और PM ten 147.0 micrograms, यानी WHO सीमा से 3.3 गुना ऊपर।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैसों का दर्ज स्तर दुनिया भर के शोध में सवालों के घेरे में है, इसलिए आकलन का आधार भरोसेमंद PM2.5 और PM10 हैं। पर CO की यह तुलना पिछले साल इन्हीं दिनों से उसी माप-प्रणाली पर है, इसलिए इसकी बढ़त की दिशा भरोसेमंद है; गैस केवल अतिरिक्त संदर्भ है।

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