What de-weathering means
‘मौसम का असर हटाना’ यानी de-weathering का सीधा मतलब यह है कि आँकड़ों में से हवा, बारिश और तापमान का हिस्सा हम गणित के ज़रिए अलग कर देते हैं। बारिश और तेज़ हवा प्रदूषण को बहा या धो ले जाती है, और थमा हुआ मौसम उसे वहीं जमा रखता है, इसलिए किसी एक दिन की हवा सिर्फ़ मौसम की वजह से अच्छी या बुरी लग सकती है। यह मौसमी हिस्सा हटाने के बाद जो बाक़ी रह जाता है, वही शहर का अपना, असली प्रदूषण है, और वही 57 दिन से लगातार ऊपर बना है।
मौसम का असर निकालने पर भी दिल्ली के सभी 35 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं। यह चढ़ाव पूरे शहर में फैला है, कहीं कोई राहत नहीं।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM ten पिछले साल से 13 percent ऊपर ठहरता है, यह चढ़ाव नीति की नाकामी है, मौसम की नहीं।
Pollutant detail
मौसम का असर हटाने पर PM two point five पिछले साल से 12 percent ऊपर बैठता है, यह चढ़ाव नीति की चूक है, मौसम की नहीं।
Against the WHO standard
दिल्ली के 46 में से 42 स्टेशन PM two point five की WHO सीमा के पार हैं, और 42 में से 38 स्टेशन PM ten की WHO सीमा के ऊपर हैं।
µg/m³ में सबसे बुरी हालत Wazirpur की है, जहाँ PM two point five 72 micrograms यानी WHO से 5 गुना ऊपर, और PM ten 164 micrograms यानी WHO से 4 गुना ऊपर है।
मौसम हटाने पर PM ten 53 में से 36 स्टेशन पर बिगड़ा हुआ मिलता है। सबसे बिगड़े स्टेशन पर यह 14 percent तक ऊपर है। प्रदूषण का बोझ हर जगह बराबर नहीं है।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index के मुताबिक़, दिल्ली का यह प्रदूषण हर बाशिंदे की औसत उम्र से कई साल कम कर देता है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। पहली, PM ten के स्रोतों यानी निर्माण-धूल और सड़क-धूल, और PM two point five के स्रोतों यानी उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन, दोनों पर बिना देर किए सख़्ती हो। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur का इलाक़ा, जहाँ PM ten 154.7 micrograms यानी WHO सीमा से 3.4 गुना ऊपर है, और मौसम-मुक्त हवा पिछले साल से 9 अंक और बिगड़ी है, वहाँ स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी हो। तीसरी, CAQM और DPCC की जवाबदेही तय हो, निष्क्रियता पर कार्रवाई हो।